"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

छत्तीसगढ़िया स्वाद से महक उठा केवड़िया — एकता नगर में गूंजी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन की पहचान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का किया अवलोकन, पारंपरिक व्यंजनों का भी लिया स्वाद

KPN24 :- गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। राज्य की समृद्ध संस्कृति, स्वाद और हस्तकला ने पूरे आयोजन में अलग ही छाप छोड़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और नई योजनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि — “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। हमारा राज्य अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।”

मुख्यमंत्री ने लिया छत्तीसगढ़िया व्यंजनों का स्वाद — “फरा”, “चौसेला” और “अमारी” ने जीता दिल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला की खुशबू बिखेर दी। मुख्यमंत्री ने IHM रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा — “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य तथा जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित रहे।

हस्तकला और लोकसंस्कृति पर मुख्यमंत्री का गर्व — कोसा वस्त्रों की खरीदी कर दिया स्थानीय शिल्पियों को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से संवाद किया। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा — “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।”

भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More