
KPN24:- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति के अंतर्गत आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित 79 युवा प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई एवं अन्य आजीविका आधारित ट्रेड्स में प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी। ये सभी युवा जिले के अत्यंत सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों—सोनपुर, अबूझमाड़ और कोंडागांव—से आते हैं। प्रोत्साहन राशि का सही उपयोग करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि इस धनराशि को परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, कृषि और रोजगार आधारित गतिविधियों में लगाया जाए।
कलेक्टर ने महिला प्रशिक्षणार्थियों को स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सामूहिक रूप से सिलाई कार्य को बढ़ावा देने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण इलाकों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जल-सुविधा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देने का सुझाव दिया, जिससे गांवों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान बढ़ते ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी मामलों के प्रति सचेत करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा ओटीपी, एटीएम पिन या बैंक जानकारी किसी से साझा न करें। किसी संदिग्ध स्थिति में तत्काल बैंक या प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी।
अंत में सभी 79 प्रशिक्षणार्थियों को चेक वितरित किए गए और उन्हें मुख्यधारा में जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










