
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में राज्य सरकार ने स्थावर (अचल) संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को सरल और जनहितैषी बनाते हुए छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 प्रदेशभर में लागू कर दिया है।
जिला पंजीयक चित्रसेन पटेल ने बताया कि केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर द्वारा वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों को अनुमोदित कर 20 नवंबर 2025 से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले 7-8 वर्षों से गाइडलाइन दरों में कोई वृद्धि नहीं होने के कारण बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी असंतुलन हो गया था। इसे दूर करने के लिए वार्ड परिसीमन, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास स्तर, मुख्यमार्ग-उपमार्ग की स्थिति और समान महत्व वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए दरों का रेशलनलाइजेशन किया गया है।
इससे किसानों को भूमि का वास्तविक मूल्य पर मुआवजा और आम जनता को उचित हाउसिंग लोन की सुविधा मिल सकेगी।
जनहितैषी सुधारों के साथ लागू हुई नई गाइडलाइन दरें
शहरी क्षेत्र के लिए प्रमुख परिवर्तन
नगरीय निकायों में मुख्यमार्ग व अन्यमार्ग के आमने-सामने के दरों में समानता लाई गई।
पुराने गाइडलाइन में मौजूद अनावश्यक उप-कंडिकाओं को हटाकर, वार्ड अनुसार व्यवस्थित कंडिकाएं बनाई गईं।
एचआईजी, एमआईजी और एलआईजी वर्गों के लिए स्वीकृत अभिविन्यास दरों में एकरूपता लाई गई।
इससे संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य जानना और पंजीयन कार्य सरल हो गया है।
उदाहरण
1. जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र
वार्ड क्रमांक 8 में चांपा रोड (लिंक रोड) का मुख्यमार्ग दर 26,000 रु./वर्गमीटर था।
वहीं वार्ड क्रमांक 17 में इसी मार्ग का दर 22,800 रु./वर्गमीटर निर्धारित था।
दोनों वार्डों में एक ही सड़क के आमने-सामने दर अलग-अलग थे, जिसे अब एक समान दर कर दिया गया है।
2. नगर पालिका परिषद चांपा
वार्ड क्रमांक 5 महादेव वार्ड में 20 मीटर अंदर जाने पर दो अलग-अलग दरों (12,480 रु. एवं 7,880 रु.) के कारण ओवरलैपिंग की समस्या उत्पन्न होती थी।
नई गाइडलाइन में यहां एक समान दर निर्धारित कर दी गई है।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 06, 10, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 की कंडिकाओं में भी आवश्यक सुधार किए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए किए गए सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुख्यमार्ग और अन्यमार्ग के सामने स्थित समान भूमि के दरों में समानता लाई गई है।
समान महत्व और विकास वाले गांवों का समूहीकरण कर एक ही वर्ग के लिए एक समान दर तय की गई है।
जिन ग्रामीण क्षेत्रों से सड़क गुजरती है, वहां सड़क के दोनों ओर स्थित गांवों के दर भी बराबर रखे गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पहले लागू वर्गमीटर दरों को हटाकर, केवल स्वीकृत अभिविन्यास हेतु उचित दरें निर्धारित की गई हैं।
जिला पंजीयक के अनुसार यह संशोधित गाइडलाइन किसानों और ग्रामीणों को उनकी भूमि का वास्तविक मूल्य दिलाने में अत्यंत सहायक होगी तथा आम जनता के लिए भी यह व्यवस्था अधिक पारदर्शी और लाभकारी सिद्ध होगी।










