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वीर बालों की शहादत को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर बाल रैली को दिखाई हरी झंडी

साहिबजादों का अदम्य साहस युगों तक देता रहेगा प्रेरणा – मुख्यमंत्री

KPN24:- छोटी सी उम्र, लेकिन हौसले इतने ऊँचे कि इतिहास भी नतमस्तक हो जाए—दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए आज राजधानी रायपुर में वीरता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए और मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक रैली में 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राएं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए, जिन्होंने अनुशासन, उत्साह और देशभक्ति का अनुपम प्रदर्शन किया।
रैली के दौरान गतका जैसे साहसिक करतब, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और भव्य झांकियाँ सिख परंपरा की शौर्यगाथा को जीवंत करती नजर आईं। पूरे मार्ग में “वीर बाल अमर रहें” के जयघोष गूंजते रहे, जिसने वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के बलिदान को स्मरण करते हैं। मात्र 9 और 7 वर्ष की आयु में उन्होंने जिस अदम्य साहस और अटूट आस्था का परिचय दिया, वह केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अमूल्य धरोहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादों ने किसी दबाव के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। धर्म, सत्य और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। नई पीढ़ी को इस गौरवशाली इतिहास से जोड़ना हमारा नैतिक कर्तव्य है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों और युवाओं में साहस, शौर्य और राष्ट्रप्रेम की भावना सशक्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी के शब्दों को स्मरण करते हुए कहा—
“सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ…”
ये पंक्तियाँ आज भी हर भारतीय के भीतर संघर्ष और आत्मबल की चेतना जगाती हैं। यह सिखाती हैं कि साधन नहीं, संकल्प और साहस ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का जीवन हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का संदेश देता है।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को विस्तार से साझा किया।

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Author: Kpn 24

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