
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति महोदया को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोकजीवन से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और उसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम एवं भव्य चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन की सराहना की और बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री सहित छत्तीसगढ़ सरकार को शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, पारंपरिक वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे बस्तर की अनूठी संस्कृति को व्यापक मंच प्राप्त होगा।










