
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार शहरों के संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए यहां मजबूत अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बिलासपुर शहर एवं बाह्य क्षेत्रों में संचालित तथा प्रस्तावित विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इससे संबंधित परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। श्री साय ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। आगामी बजट को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना को साकार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग, व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए।
ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि आवंटन हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने एवं इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) से रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक से सीएमडी चौक–इमलीपारा रोड–टैगोर चौक–जगमल चौक तक 115 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण तथा एफसीआई गोदाम व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी–महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ रुपये की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए।
शहर में यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से 950 करोड़ रुपये की लागत से बिलासपुर फोरलेन रिंग रोड निर्माण हेतु एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा जलभराव की समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये देने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में बिलासपुर में कैंसर अस्पताल की स्थापना के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना के लिए डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास हेतु टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक आयोजित कर पूर्व योजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










