
दूरस्थ ग्रामीण अंचलों को मिली कनेक्टिविटी की सौगात, 2026-27 में 200 बसें चलाने का लक्ष्य
KPN24:- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन दूरस्थ और पिछड़े गाँवों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहाँ अब तक सार्वजनिक यात्री बस सेवा उपलब्ध नहीं थी।
योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है। अब तक योजना के अंतर्गत 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे 330 गाँव पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँच आसान हुई है।
ग्रामीणों को मुख्यालयों से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे ग्रामों को जनपद, तहसील एवं जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीण नागरिकों को दैनिक आवागमन में बड़ी राहत मिली है और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
बस संचालकों को वित्तीय सहायता
योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा बस संचालकों को प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है—
प्रथम वर्ष: ₹26 प्रति किलोमीटर
द्वितीय वर्ष: ₹24 प्रति किलोमीटर
तृतीय वर्ष: ₹22 प्रति किलोमीटर
इसके साथ ही गासिक कर में अधिकतम तीन वर्षों तक पूर्ण छूट दी जा रही है, ताकि ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन आर्थिक रूप से व्यवहार्य बन सके।
पारदर्शी मार्ग चयन एवं निविदा प्रक्रिया
मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। बस संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है। निविदा उपरांत विधिवत सुनवाई कर परमिट जारी किए जाते हैं।
जिलावार बस संचालन की स्थिति—
सुकमा – 8
नारायणपुर – 4
जगदलपुर – 2
कोण्डागांव – 4
कांकेर – 6
दंतेवाड़ा – 7
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – 2
सूरजपुर – 6
कोरिया – 5
जशपुर – 7
बलरामपुर – 4
अंबिकापुर – 2
इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं।
आगामी लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत कर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।










