
KPN24.com रायपुर 17 अप्रैल 2026
देश की राजनीति में एक बार फिर नारी सशक्तिकरण का मुद्दा गरमा गया है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और INDI गठबंधन के रुख पर तीखा प्रहार करते हुए इसे मातृशक्ति के अधिकारों के खिलाफ बताया है।
▪️ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध महिलाओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया गया
▪️ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—यह मातृशक्ति के सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने की कोशिश
▪️ कांग्रेस और INDI गठबंधन पर संकीर्ण सोच और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
▪️ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में लाने की बात दोहराई गई
▪️ करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों और विश्वास को ठेस पहुंचाने का लगाया आरोप
▪️ चेतावनी—देश की माताएं-बहनें सब देख रही हैं, समय आने पर देंगी जवाब
▪️ नारी सशक्तिकरण की यात्रा को अटूट बताते हुए हर महिला को अधिकार दिलाने का संकल्प दोहराया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बयान में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान, अधिकार और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का प्रतीक है। ऐसे में इसका विरोध करना महिलाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रमुख स्थान देने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और INDI गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका यह रुख उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को गंभीरता से समझ रही हैं और समय आने पर इसका जवाब जरूर देंगी।










