
80 हजार एकड़ में सिंचाई विस्तार की तैयारी, दो बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
KPN24.com रायपुर 19 मई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि नक्सलवाद के खात्मे को उद्योगपतियों को बसाने से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक और राजनीतिक दुष्प्रचार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास स्थापित कर स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।
जगदलपुर स्थित बादल अकादमी में आयोजित “उजर बस्तर” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का भविष्य खेती, जल संसाधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर गलत नैरेटिव गढ़कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि सरकार बस्तर के किसानों, युवाओं और स्थानीय परिवारों के हित में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की उर्वर भूमि और मेहनतकश लोगों की ताकत ही क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी है। राज्य सरकार खेती, उद्यानिकी, वनोपज और ग्रामीण रोजगार को मजबूत बनाकर बस्तर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली मटनार और देउरगांव सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करीब 80 हजार एकड़ भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को सालभर खेती करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का बड़ा अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अब बस्तर भय और हिंसा की पहचान से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर कृषि आधारित विकास मॉडल तैयार कर रही है, ताकि बस्तर का हर परिवार शांति, सम्मान और समृद्धि से जुड़ सके।










