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16 जून से नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ: तैयारियों में कोई कमी नहीं, कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को दिए सख्त निर्देश

विद्यालयों में होगा तिलक लगाकर स्वागत, समय पर मिलेंगी पुस्तकें, गणवेश और साइकिल

KPN24.com जांजगीर-चांपा 15 जून 2026

जिले में 16 जून से प्रारंभ होने जा रहे नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में पूर्ण कर ली जाएं और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि नए शिक्षा सत्र के प्रथम दिवस पर विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाए, ताकि उनमें विद्यालय के प्रति उत्साह और सकारात्मक भाव विकसित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था, शाला प्रवेशोत्सव और अन्य तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण हों।
पुस्तक, गणवेश और साइकिल वितरण में नहीं हो देरी
बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को समय पर गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, साइकिल एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण बढ़ाएं, उत्कृष्ट विद्यार्थियों का करें सम्मान
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल मेधावी विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि नियमित उपस्थिति, खेलकूद, वृक्षारोपण एवं रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया जाए।
मध्यान्ह भोजन और स्कूलों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यालय खुलने से पहले सभी स्कूल भवनों, कक्षाओं और परिसर की साफ-सफाई, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में जर्जर एवं असुरक्षित भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
ड्रॉपआउट दर घटाने और शाला त्यागी बच्चों को जोड़ने पर जोर
बैठक में शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने तथा ड्रॉपआउट दर में कमी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने और अनावश्यक अवकाश पर नियंत्रण रखने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि नवीन शिक्षा सत्र की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वातावरण में होनी चाहिए। इसके लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक समन्वय के साथ कार्य करें।

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Author: Kpn 24

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