
मनीष विद्यार्थी खरगोन मध्यप्रदेश
KPN24.com खरगोन 25 जून 2026
खरगोन जिले में शराब की बोतलों पर अंकित मूल्य कुछ और, जबकि ग्राहकों से वसूली जा रही राशि कुछ और। जिले में संचालित शराब दुकानों पर कथित रूप से खुलेआम अधिक कीमत वसूलने का खेल जारी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि शिकायतों और आरोपों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार कार्रवाई के बजाय मौन दिखाई दे रहे हैं।
करीब चार दशक पहले गजल गायक पंकज उधास ने अपनी प्रसिद्ध गजल “हुई महंगी बहुत ही शराब की, थोड़ी-थोड़ी पिया करो” के माध्यम से शराब की बढ़ती कीमतों पर व्यंग्य किया था। आज खरगोन जिले में यह पंक्तियां वास्तविकता बनती नजर आ रही हैं। यहां शराब प्रेमियों से बोतलों पर अंकित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
मामला-1 : एमआरपी ₹171, वसूले गए ₹180
ताजा मामला खरगोन शहर के कसरावद रोड स्थित सुखपुरी वाइन शॉप का बताया जा रहा है। यहां एक ग्राहक से 180 रुपये वसूले गए, जबकि संबंधित शराब की बोतल पर एमएसपी 148 रुपये और एमआरपी 171 रुपये अंकित था। आरोप है कि दिनभर में सैकड़ों ग्राहकों से इसी प्रकार अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
मामला-2 : कसरावद में भी वही हालात
जिला मुख्यालय से सटे कसरावद क्षेत्र में भी शराब दुकानों पर मनमानी वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने और मीडिया के माध्यम से मामला उठाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
विरोध करने पर विवाद
ग्राहकों का आरोप है कि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने का विरोध करने पर कुछ कर्मचारी अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और विवाद करने पर उतर आते हैं। नियमित ग्राहकों का कहना है कि विवाद से बचने के लिए उन्हें मजबूरी में अधिक कीमत देकर शराब खरीदनी पड़ती है।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार
जिले भर में लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जानकारी में हो रहा है? यदि हां, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
आबकारी निरीक्षक मुकेश गौड़ का कहना है कि यदि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित दुकानदार और कर्मचारियों को तत्काल चेतावनी दी जाती है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शराब ठेकेदार आनंद जैन ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा अंकित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
जब बोतल पर मूल्य स्पष्ट अंकित है, तो ग्राहकों से अतिरिक्त राशि किसके इशारे पर वसूली जा रही है?










