
सावन की हरियाली, तीज की उमंग और छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की रंगीन छटा के बीच चांपा में सजा भव्य आयोजन
KPN24.com जांजगीर-चांपा 12 अगस्त 2026
सावन की हरियाली, तीज की उमंग और छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की मनोहारी छटा मंगलवार को चांपा के सद्गुरु कबीर धाम में देखने को मिली। महतारी सेवा समिति मानिकपुरी समाज, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा 11 अगस्त 2026 को आयोजित हरियाली सावन तीज महोत्सव में नारी सम्मान, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रभावी संदेश गूंजा।
समारोह के मुख्य अतिथि जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय रहे। उन्होंने महतारी सेवा समिति की महिला सदस्यों सहित सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रशस्ति-पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान पाकर महिलाओं के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया।
तीज के बहाने नारी शक्ति को सम्मान
महतारी सेवा समिति ने तीज पर्व को महज परंपरा और उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण के मंच के रूप में प्रस्तुत किया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की सहभागिता, सावन के गीत और तीज की उमंग ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को समाज निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताया।
गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा
समारोह में डॉ. खेमा दास महंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर-चांपा, राष्ट्रीय पुरस्कृत महिला कृषक श्रीमती सुशीला गबेल, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती अनुराधा शुक्ला, श्रीमती तान्या अनुरागी पाण्डेय, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती काजल कसेर, डॉ. एम.डी. मानिकपुरी, श्री तुलसी दास महंत, श्रीमती सीताराम तारम, डीएसपी जांजगीर श्रीमती योगिता खरपड़े, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मनहर, सुरेंद्र लहरे, दीपक यादव, दीपक तिवारी, डॉ. सुरेश देवांगन, दीनदयाल यादव, मास्टर ट्रेनर कृषक नारायण कुमार, मुख्यमंत्री से सम्मानित उन्नत युवा कृषक अंशु यादव, योग प्रशिक्षक मीता यादव, रूपेश कंवर, दूरदर्शन से श्रीमती सविता पटेल तथा नवाचारी युवा महिला कृषक कु. धनेश्वरी सहित अनेक अतिथियों की उपस्थिति रही।
लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल
छत्तीसगढ़ में तीज महिलाओं की आस्था, उल्लास और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। महतारी सेवा समिति ने इस पारंपरिक पर्व को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि महिलाएं केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और परंपराओं की मजबूत संरक्षक भी हैं।
सावन के गीतों, पारंपरिक वातावरण और महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की समृद्ध झलक प्रस्तुत की। आयोजन ने यह भी रेखांकित किया कि लोक परंपराओं को जीवंत रखने में महिला शक्ति की भूमिका निर्णायक है।
समिति की महिलाओं ने संभाली आयोजन की कमान
महोत्सव को सफल बनाने में महतारी सेवा समिति मानिकपुरी समाज की जिला अध्यक्ष श्रीमती रमशिला मानिकपुरी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती शकुनतला महंत, जिला सचिव श्रीमती संदीपा मानिकपुरी तथा जिला कोषाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मानिकपुरी सहित समिति की अनेक सदस्याओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर श्रीमती मधुलता महंत, श्रीमती राजकुमारी महंत, श्रीमती महेश्वारी मानिकपुरी, श्रीमती रंजनी महंत, श्रीमती बबली मानिकपुरी, श्रीमती सोनिया महंत, श्रीमती मधु मानिकपुरी, श्रीमती तुलसी मानिकपुरी, श्रीमती कृष्णा महंत, श्रीमती रुक्मणि मानिकपुरी, श्रीमती मीना नागरा, श्रीमती राधिका मानिकपुरी, श्रीमती ममता मानिकपुरी, श्रीमती निशा महंत, श्रीमती अंजली मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति महंत, श्रीमती कृति महंत एवं श्रीमती बबली महंत सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य उपस्थित रहीं।
सम्मान से बढ़ा सामाजिक सेवा का उत्साह
महोत्सव में महिला सदस्यों और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों का सम्मान समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। सम्मानित महिलाओं ने सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता जारी रखने और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
समिति के इस आयोजन ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और सामाजिक भूमिका को सामने रखने का मंच दिया। साथ ही, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया।
नारी सम्मान और संस्कृति संरक्षण का दमदार संदेश
“जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के संदेश के साथ संपन्न हुआ हरियाली सावन तीज महोत्सव नारी सम्मान, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण का सुंदर संगम बन गया।
आयोजन ने साफ संदेश दिया कि नारी शक्ति का सम्मान और अपनी संस्कृति का संरक्षण समाज की प्रगति के दो मजबूत आधार हैं। सावन की हरियाली और तीज की उमंग के बीच महतारी सेवा समिति का यह प्रयास सामाजिक चेतना के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खुशबू को जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा।










