
KPN24.com रायपुर 15 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के मुख्यालय में अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह (आईएएस) ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। सुरक्षा एवं सतर्कता विभाग की चार प्लाटून ने मार्चपास्ट प्रस्तुत किया, वहीं बैंड दल ने देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
समारोह में प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार, राजेश कुमार शुक्ला और भीम सिंह कंवर, मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) रश्मि वर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव सहित तीनों कंपनियों के कार्यपालक निदेशक, मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया।
ऊर्जा क्षेत्र को बनाया विकास का आधार
अपने संबोधन में सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ है। ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पावर कंपनी राज्य की ऊर्जा अधोसंरचना को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है।
बिजली उत्पादन में देश के शीर्ष तीन में छत्तीसगढ़
पावर जनरेशन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 76.44 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर के साथ 19,403 मिलियन यूनिट का रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन किया। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की ताप विद्युत इकाइयों ने देश में तीसरा स्थान हासिल किया। कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह ने भी देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
ऊर्जा क्षेत्र में ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक निवेश का खाका
भविष्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए राज्य में सरकारी और निजी सहभागिता के माध्यम से ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की योजना तैयार की गई है। इससे राज्य की उत्पादन क्षमता में करीब 32,000 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि होगी। लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ देश के लिए ‘पावर हब’ के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि एनटीपीसी के सहयोग से राज्य में परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
पारेषण क्षमता में 40 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने राष्ट्रीय ग्रिड से विद्युत हस्तांतरण क्षमता यानी एटीसी को 3,536 मेगावाट से बढ़ाकर 4,930 मेगावाट कर दिया है। वहीं ट्रांसमिशन लॉस घटकर 2.72 प्रतिशत रह गया है, जो निर्धारित 3 प्रतिशत के मानक से भी बेहतर है।
वर्ष 2026-30 की पूंजी निवेश योजना के तहत 74 नए उपकेंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
बस्तर के 461 गांवों में पहुंचेगी ऑन-ग्रिड बिजली
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रयासों की जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि बस्तर संभाग के शेष 461 ऑफ-ग्रिड गांवों को मुख्य बिजली नेटवर्क से जोड़ने के लिए ₹973 करोड़ का विशेष प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है और कार्य तेज गति से शुरू हो चुका है।
‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान’ के तहत 48 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को ₹808 करोड़ की राहत दी गई है। वहीं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को ₹745 करोड़ से अधिक की छूट दी जा रही है।
कृषि क्षेत्र में एक वर्ष में 23,757 नए कृषि पंप कनेक्शन दिए गए हैं। करीब साढ़े आठ लाख कृषि पंपों को रियायती अथवा निःशुल्क बिजली के लिए ₹4,717 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है।
1,235 पदों पर भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर
पावर कंपनी में 1,235 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत उसके अधिकारी और कर्मचारी हैं। अभियंता, तकनीशियन, लाइनमैन और मैदानी कर्मचारी हर मौसम में जिस समर्पण के साथ बिजली व्यवस्था संभालते हैं, वही कंपनी की उपलब्धियों की असली ताकत है।
प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता के लिए सभी मैदानी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
“बिजली कर्मियों के जज्बे को सलाम”
सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि बिजली सेवा चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण दायित्व है। हर मौसम और विषम परिस्थितियों में चौबीसों घंटे डटे रहने वाले अभियंताओं और मैदानी कर्मचारियों के जज्बे को उन्होंने सलाम किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत के गौरव को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र और प्रदेश के प्रति अपने कर्तव्यों के पुनर्संकल्प का दिन भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि पावर कंपनी के कर्मचारियों की निष्ठा, टीम भावना और कठिन परिश्रम के बल पर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में पावर कंपनीज मील का पत्थर साबित होंगी।










