
बिर्रा में ऐतिहासिक भोजली महोत्सव का भव्य आयोजन, राऊत नाचा और गढ़वा बाजा के साथ निकली शोभायात्रा; 25 प्रमुख विजेताओं सहित 100 प्रतिभागियों को मिला सम्मान
Kpn24.com जांजगीर चांपा 30 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था का रंग बिर्रा में उस समय और गहरा हो गया, जब ऐतिहासिक भोजली महोत्सव 2026 में बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। माताओं और बहनों ने सिर पर भोजली धारण कर पारंपरिक गीतों के बीच भोजली विसर्जन किया। वहीं, भोजली प्रतियोगिता में अपनी मनमोहक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा और साज-सज्जा से नन्हीं बिटिया आयुषी यादव ने प्रथम स्थान हासिल कर सबका दिल जीत लिया।
भोजली महोत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासियों, बिर्रा के संयुक्त आयोजन में दोपहर के समय राऊत नाचा और गढ़वा बाजा के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा संजयनगर थाना चौक से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग, दाऊ मोहल्ला, बस स्टैंड चौक, भाटापारा, कंकालीन मंदिर, चंडी मंदिर, दरबार लीला मंडली, कहार मोहल्ला, शांति चौक और साहू मोहल्ला होते हुए राजमहल पहुंची।
राजमहल में ग्राम बैगा और राजमहल की माताओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद माताओं और बहनों ने सिर पर भोजली उठाकर पारंपरिक भोजली गीत गाते हुए सामूहिक रूप से घनवासागर तालाब पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भोजली का विसर्जन किया। इसके पश्चात दाऊ बाबा मंदिर में भोजली अर्पित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
आयुषी की छत्तीसगढ़ी वेशभूषा ने जीता दिल
पुरस्कार वितरण समारोह में नन्हीं बिटिया आयुषी यादव अपनी छत्तीसगढ़ महतारी की पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा और आकर्षक साज-सज्जा के साथ सबसे अलग नजर आईं। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने निर्णायकों और उपस्थित ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
आयुषी यादव को पुरस्कार स्वरूप 5,101 रुपये नगद, स्मृति-चिह्न और उपहार प्रदान किया गया।
प्रतियोगिता में नंदनी पटेल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें 4,501 रुपये, स्मृति-चिह्न एवं उपहार दिया गया। भूरीबाई भारद्वाज ने तृतीय स्थान हासिल कर 4,001 रुपये, स्मृति-चिह्न एवं उपहार प्राप्त किया। वहीं कु. रोशनी दुर्गा कश्यप चतुर्थ स्थान पर रहीं और उन्हें 3,501 रुपये, स्मृति-चिह्न एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा प्रथम से 25 प्रमुख विजेताओं को विभिन्न सहयोगकर्ताओं की ओर से नगद राशि, स्मृति-चिह्न और उपहार प्रदान किए गए। कुल 25 प्रमुख पुरस्कारों के साथ 100 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
लोक पर्व ने दिखाई छत्तीसगढ़ की जीवंत संस्कृति
कार्यक्रम में पं. गीता प्रसाद तिवारी ने भोजली-कजली पर्व की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए ग्राम पंचायत की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
बिर्रा थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह लोक पर्व गांवों में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति और माताओं-बहनों के चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी इस पर्व के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शाती है। उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
जनपद सदस्य रितेश रमण सिंह ने भी सामूहिक आयोजन के लिए पंचायत को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरपंच और पंचों की संगठित कार्ययोजना के कारण रथयात्रा, दशहरा सहित अन्य पर्वों में भी ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिलती है।
कार्यक्रम को पं. दिलीप पांडेय और अर्जुन महाराज ने भी संबोधित किया।
अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में लाल रेवती रमण सिंह, रितेश रमण सिंह ‘छोटू बाबा’, पं. गीता प्रसाद तिवारी, अर्जुन महाराज, थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव, विजय बहादुर सिंह, चेतन बाबा, सुबू बाबा, सरपंच श्रीमती पीलीबाई एकादशिया साहू, उपसरपंच श्रीमती विमला कश्यप, सचिव रोहित पटेल, अभिराम कश्यप, बिसाहू राम देवांगन, लखनलाल देवांगन, रामकुमार ढीमर, लक्ष्यनाथ देवांगन, शत्रुघ्न कश्यप, सौखीलाल पटेल, कुलकीत साहू, सम्मेलाल यादव, दिनेश चंद्रा, मनहरण सोनवानी, नरेंद्र यादव, डॉ. कुश पटेल, कृष्णा साहू सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का श्रीफल और भोजली भेंटकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पंच छोटेलाल केंवट ने किया।
इस अवसर पर उपसरपंच प्रतिनिधि गोपाल कश्यप, पंच विमला चौहान, छतबाई कर्ष, यमुना सिंह, धनसाय कश्यप, भोलाराम देवांगन, बुधेश देवांगन, नारायण प्रसाद, प्रकाश देवांगन, सिंधू पटेल, मणीलाल कश्यप, श्रीमती ममता, राधेश्याम केशरवानी, श्रीमती राजेश्वरी, कमल कटकवार, एकांश पटेल, बूंदराम, बलराम कश्यप, बुद्धेश्वर कश्यप, पंचराम कश्यप, राहुल कश्यप, लुकेश्वर देवांगन, जगदीश बंजारे, मनोज कुमार दुबे, हेमंत साहू, जगदीश थवाईत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।










