
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर ‘पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव’ का भव्य आयोजन
KPN24.com रायपुर 30 मई 2026
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित ‘पत्रकारिता गौरव मार्तण्ड उत्सव’ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सच्चा सेनानी बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच सशक्त सेतु का कार्य करते हैं। उनकी निष्पक्ष और सकारात्मक आलोचना न केवल समाज को सही दिशा देती है, बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन कर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती है।
वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित इस गौरवपूर्ण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और जनहित की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। लोकतंत्र की मजबूती में उनकी भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की पावन धरती और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा को समर्पित ऐसा आयोजन अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब को बधाई देते हुए कहा कि यह देश के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक प्रेस क्लबों में से एक है, जिसने पत्रकारिता के मूल्यों को सदैव सहेजकर रखा है।
उन्होंने रायपुर की समृद्ध पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र जैसे पत्रकारिता जगत के शिखर पुरुषों को स्मरण किया और कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तक पत्रकारिता ने परिवर्तन और जनजागरण का सशक्त माध्यम बनकर राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से प्रकाशित देश के प्रथम हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी थी और आज हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यह गौरवशाली यात्रा पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है। यह भी एक प्रेरक संयोग है कि उदंत मार्तण्ड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन प्रारंभ हुआ था, जो भारतीय पत्रकारिता और सांस्कृतिक मूल्यों के गहरे संबंध को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जागरण का प्रभावी माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता के स्वर्णिम इतिहास में छत्तीसगढ़ का योगदान सदैव स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा।
माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनजागरण और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय अस्मिता की चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। स्वदेश और राष्ट्रधर्म जैसे प्रकाशनों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय विचारधारा को मजबूत आधार प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, जनसहभागिता और पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका ने प्रदेश में शांति और विकास का नया वातावरण निर्मित किया है।
उन्होंने कहा कि जो बस्तर कभी हिंसा और बंदूक की खबरों के लिए जाना जाता था, आज वही बस्तर पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य, विकास और नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश-दुनिया तक इस सकारात्मक परिवर्तन को पहुंचाने में मीडिया की भूमिका सराहनीय है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रहित की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज को सत्य के साथ सही दिशा प्रदान करना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि पत्रकारिता को वर्तमान समय में शोधपरक, तथ्याधारित और साक्ष्य-आधारित बनाए रखना आवश्यक है, ताकि उसकी विश्वसनीयता और सामाजिक प्रभाव और अधिक सुदृढ़ हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवप्रदेश के विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा दिनेश यदु की पुस्तक ‘मैं अगहन हूं’ का विमोचन भी किया।
समारोह में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुनील रामदास, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।











