
मनीष विद्यार्थी सेंधवा मध्यप्रदेश
डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु, “बम-बम भोले” के जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल — किला गेट पर आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से हुआ जोरदार स्वागत, राजराजेश्वर मंदिर में हुआ समापन
KPN24.com सेंधवा 11 अगस्त 2026
सावन के पावन महीने में सोमवार को सेंधवा नगरी भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई। विश्वेश्वर महादेव मंदिर, महावीर कॉलोनी से राजराजेश्वर मंदिर तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं मारवाड़ी समाज अध्यक्ष लक्ष्मी जयंत शर्मा के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
डीजे की भक्तिमय धुन पर “चल रे कांवरिया, कांवड़ उठा…” जैसे भजनों की गूंज के बीच कांवड़िए झूमते-नाचते आगे बढ़े। हाथों में कांवड़, तन पर भगवा वस्त्र और जुबां पर “बम-बम भोले” के जयकारों ने पूरे शहर के वातावरण को शिवमय कर दिया।
चार वर्षों से निभाई जा रही आस्था की परंपरा
लक्ष्मी जयंत शर्मा ने बताया कि सावन हिंदू धर्म में विशेष आस्था और श्रद्धा का महीना माना जाता है। कांवड़िए दूर-दराज क्षेत्रों से नर्मदा जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महिला मंडल द्वारा पिछले चार वर्षों से महावीर कॉलोनी स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर से राजराजेश्वर मंदिर तक जल अर्पण की परंपरा निभाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कांवड़ यात्रा के पीछे क्षेत्र में अच्छी बारिश, हरियाली, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ प्रदेश एवं देश में अमन-चैन और विकास की प्रार्थना का संकल्प है।
गुरुद्वारा से किला गेट तक जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
कांवड़ यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह विशेष व्यवस्थाएं की गईं। गुरुद्वारा के पास मारवाड़ी ब्राह्मण समाज की ओर से कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं छोटी मस्जिद चौराहे पर समाजजनों ने कांवड़ यात्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया। मोती बाग चौक पर राठौर समाज एवं विकास शर्मा मित्र मंडल की ओर से भव्य स्वागत कर यात्रियों का उत्साह बढ़ाया गया।
यात्रा के अंतिम पड़ाव किला गेट पर सर्व समाज की ओर से जोरदार आतिशबाजी और पुष्पवर्षा के साथ कांवड़ यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्सव और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
पूरे मार्ग में सेवा और जलपान की व्यवस्था
विकास शर्मा मित्र मंडल की ओर से कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए पानी और शीतल पेय की व्यवस्था की गई। कांवड़ यात्रा के समापन के बाद श्रद्धालुओं को फल और सलाद का वितरण भी किया गया।
नन्हे भक्तों ने खींचा सबका ध्यान
भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल नन्हे-मुन्ने बच्चे आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। एक बालक हनुमान जी के बाल स्वरूप में नजर आया, जबकि घोड़े पर सवार भगवान शिव की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। झांकियों और बच्चों की भक्ति ने पूरे आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ दिया।
राजराजेश्वर मंदिर में हुआ कांवड़ यात्रा का समापन
भव्य कांवड़ यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई राजराजेश्वर मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके साथ ही यात्रा का विधिवत समापन हुआ।










