
हसदेव नदी पुल की बदहाली पर उठे गंभीर सवाल, बोले—जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
KPN24.com जांजगीर-चांपा 20 अगस्त 2026
रायपुर-रायगढ़ को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित बिर्रा-सिलादेही हसदेव नदी पुल की बदहाल स्थिति और कथित तौर पर घटिया मरम्मत कार्य को लेकर मामला गरमा गया है। पुल की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी जताते हुए सेतू विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सिलादेही हाईस्कूल में सरस्वती योजना के तहत आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गगन जयपुरिया सीधे हसदेव नदी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर पुल की स्थिति देखने के बाद उन्होंने मरम्मत कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए।
गड्ढों की मरम्मत में गुणवत्ता पर सवाल
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के गड्ढों की मरम्मत में निर्धारित मानकों के अनुरूप 20-40 एमएम गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसके स्थान पर जीरा गिट्टी और कम मात्रा में सीमेंट के उपयोग से मरम्मत की जा रही है। उन्होंने इसे स्थायी समाधान के बजाय महज खानापूर्ति बताया।
मौके से ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने सेतू विभाग के एसडीओ ए.के. गुप्ता से मोबाइल फोन पर तीखी बातचीत की और कार्य की गुणवत्ता को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की मरम्मत से पुल की समस्या कुछ दिनों बाद फिर जस की तस हो सकती है।
“यह मरम्मत नहीं, थूक-पॉलिश है”
गगन जयपुरिया ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि मरम्मत तकनीकी मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ नहीं की गई तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कथित घटिया कार्य को लेकर तीखे शब्दों में कहा कि यह मरम्मत नहीं बल्कि “थूक-पॉलिश” है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत कार्य रुकवाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
भारी वाहनों के दबाव में जर्जर हो रहा पुल
सिलादेही-केरा मार्ग पर स्थित यह पुल क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पुल बनने के बाद रायपुर और रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान हुआ है। इसी वजह से इस मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों, कैप्सूल ट्रेलरों और मालवाहक ट्रकों की आवाजाही बनी रहती है।
लगातार भारी यातायात के दबाव के चलते पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पुल पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर सरिए बाहर निकल आए हैं। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थायी समाधान की मांग, लोगों की नजर विभाग पर
स्थानीय लोगों का कहना है कि हसदेव नदी पुल की बदहाल स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों की मांग है कि पुल की महज औपचारिक मरम्मत करने के बजाय तकनीकी मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ कार्य कराया जाए।
अब जिला पंचायत उपाध्यक्ष की कड़ी नाराजगी और चेतावनी के बाद सबकी निगाहें सेतू विभाग पर टिकी हैं। सवाल यही है कि विभाग इस बार मरम्मत कार्य की गुणवत्ता सुधारकर पुल को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है या फिर खानापूर्ति का आरोप एक बार फिर सच साबित होता है।










