"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

सीएम हेल्पलाइन से उठ रहा लोगों का भरोसा, कम हो रही शिकायतें।

मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।

KPN24:- कभी सीएम हेल्प लाईन एक ऐसा सशक्त माध्यम था जो कि किसी भी सरकारी विभाग या अफसरकर्मी की मनमानी और भ्रष्टाचार को रोकने का कारगर माध्यम हुआ करता था और इस शिकायत के बाद तत्काल विभाग हरकत में आकर न सिर्फ शिकायत का निराकरण करता था बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टी भी इसके डिस्पोजल में मायने रखती थी। लेकिन इसके लगातार होते दुरुपयोग और अफसरशाही के दबदबे के चलते अब इस पर से लोगों का भरोसा उठने लगा है।

उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई 2014 को प्रदेश सरकार ने जन हेतु-जन सेतु 181 सीएम हेल्पलाईन के नाम से एक ऐसी योजना शुुरु की थी। जिसमें एक टोल फ्री कॉल याह एक एप की मदद से कोई भी आम आदमी अपनी परेशानी सीधे भोपाल में कर सकता है और वहां से संबंधित विभाग को फोन करके शिकायत के निराकरण के निर्देश दिए जाते है। योजना अब भी लागू है लेकिन इसका असर और इस पर लोगों का भरोसा दोनों ही कम होते जा रहे है।
3 विभागों की शिकायतें सबसे ज्यादा
बता दें कि सीएम हेल्पलाईन में सबसे ज्यादा गा्रमीण क्षेत्रों की होकर जनपद पंचायतों की होती है। इसके अलावा नगर निगम और राजस्व तथा स्वास्थ्य विभाग की होती है। आंकड़ों की बयानी का मतलब साफ है कि इन विभागों की कार्यप्रणाली से आम आदमी खुश नहीं है और कहीं न कहीं इनके अफसरों से जनसामान्य का भरोसा उठने लगा है।
क्या कहते है आंकड़ें (केवल मई माह के)
1182 कुल शिकायतें मई माह में
219 जनपद पंचायत खकनार की
144 जनपद पंचायत बुरहानपुर की
134 नगर निगम बुरहानपुर की
85 बिजली वितरण कंपनी
53 सीएमओ नेपानगर
इन विभागों की है अच्छी साख
इनमें कई विभाग ऐसे भी है जिनकी या तो शिकायत जीरो है या फिर नाम मात्र की एक या दो शिकायतें है। इनमें खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी, श्रम विभाग, पेंशन विभाग, रजिस्ट्रार, आरईएस, ई-गर्वेनेंस, परिवहन और उच्च शिक्षा विभाग शामिल है।
कभी अव्वल थे हम, अब हो रहे फिसड्डी
लोक सेवा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी की माने तो कुछ समय पहले तक जिला प्रदेश के पहले 5 नामों में शुुमार हुआ करता था लेकिन अब रेंकिंग गिरते-गिरते टॉप-20 तक जा पहुंचे है। इसके पीछे कारण अफसरों का अनमनापन भी है। अब वे शिकायतों के निराकरण के लिए एक्ट्रा एफ्टर्स नहीं लगाते बल्कि औपचारिकता पूरी कर डिस्पोजल पर फोकस करते है। जिससे शिकायतकर्ता को संतुष्टी नहीं होती और इसके आंकड़ेां और जिले की रेटिंग दोनों में गिरावट आ रही है।
अब 50 शिकायतें रोजाना का रेशो
मिली जानकारी के अनुसार अब रोजाना जिलेभर से औसतन 50 शिकायतें रोजाना होती है। जबकि पहले ये आंकड़ा कहीं ज्यादा था। हालांकि शिकायतों का तय समय सीमा में निपटारा कर दिया जाता है, संतुष्टी होना न होना, अलग विषय है। जिला मुख्यालय सहित शाहपुर, खकनार, नेपानगर और धूलकोट में भी लोक सेवा केंद्र खोले गए है। जहां नजदिकी लोग जाकर विभागीय शिकायतें कर सकते है और आवश्यक दस्तावेज भी बनवा सकते है। जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय से इन सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग की जाती है और लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए हस्तक्षेप भी किया जाता है।

लोक सेवा प्रबंधन का काम शिकायतों का समय सीमा में निपटारा करना है। हम पूरा प्रयास करते है कि शिकायतों के निपटारे के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टी का भी ध्यान रखा जाए। जिला मुख्यालय से जिले के सभी लोक सेवा केंद्रों पर भी नजर रखी जाती है। ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे। शिकायतों के संतोषजनक निष्पादन के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
मनोज शंकपाल, जिला प्रबंधक लोक सेवा।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More