
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।
KPN24:- पूरे देश शहर सहित जिलेभर में ईद का पर्व मनाया जाना है और परंपरा के अनुसार इसमें बड़ी संख्या में बकरों की बलि दी जाती है, जिसे कुर्बानी का नाम दिया जाता है। जिसमें गौवंश व खेती किसानी के उपयोग में होने वाले पशुओं की भी कुर्बानी दी जाती है।
विधायक अर्चना चिटनिस ने कलेक्टर हर्षसिंह को चिट्ठी लिखकर कहा है कि ईद के पहले शहर सहित आसपास के क्षेत्रों को चिन्हीत करके वहां पशुओं की गिनती की जाए और ईद के बाद भी वहीं जाकर उन मवेशियों का वेरिफिकेशन भी किया जाए। जिससे यह तय हो सकें कि खेती-किसानी के उपयोगी पशुओं को कुर्बानी के नाम पर वध ना किया जाए। विधायक की इस चिट्ठी से जिलेभर में हडकंप मच गया है।
बता दें कि शहर में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय है और ईद के पर्व पर बड़ी तादाद में बकरों का वध कुर्बानी के तौर पर किया जाता है। इसमें कई बाद दबी-छूपी तरह से कृषि उपयोगी पशुओं का भी वध किया जाता है। इसको लेकर विधायक चिटनिस ने जांच कर रोक लगाने का आग्रह जिला प्रशासन से किया है। विधायक ने अपनी चिट्ठी में यह भी कहा है कि पर्व और आस्था का अपना विषय है लेकिन इससे मवेशियों और खासकर कृषि उपयोगी मवेशियों का वध रोका जाना चाहिए।
कानून का दिया हवाला
विधायक चिटनिस ने अपनी चिट्ठी में मप्र गोवंश प्रतिशोध विधेयक 2024, पशु कु्ररता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 5 और 11 तथा पशु संरक्षण अधिनियम का हवाला देते हुए तमाम जनप्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासन, राजस्व, पशु पालन, पंचायती राज विभाग सहित नगरीय निकायों को इस पर रोक लगाने की जवाबदेही बांटने के लिए कलेक्टर को आग्रह किया है।
खुले प्रदर्शन पर रोक लगाने की भी मांग
अपनी चिट्ठी में चिटनिस ने यह भी कहा है कि ईद के त्यौहार के नाम पर सार्वजनिक तौर पर गौवंश एवं कृषि उपयोगी पशुओं का खुला प्रदर्शन रोकने, गौवंश और कृषि उपयोगी पशुओं की हत्या पर रोक लगाने और इसको सख्ती से रोकने के लिए विभागों को जिम्मेदारी बांटकर कार्रवाई करने की बात कही है।










