
KPN24:- इंसान अपने शौक पुरा करने के लिए क्या नहीं करता वो कभी फर्जी डाॅ बनता है तो कभी फर्जी इंस्पेक्टर लेकिन देश की महत्वपूर्ण सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने की बात आती है तो एक ही ख्याल आता है वो है एनएसजी कमांडो का, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे पर रविवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। जब खुद को एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो बताकर एक युवक रोडवेज बस में बिना टिकट यात्रा कर रहा था। संदिग्ध गतिविधियों को देखकर यात्रियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
कैसे हुआ खुलासा?
मिली जानकारी अनुसार फर्जी एनएसजी कमांडो की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान युवक की पहचान कुशीनगर जिले के सुजान गांव निवासी रंजन कुमार के रूप में हुई, जो कि एनएसजी कमांडो नहीं बल्कि एक आम नागरिक निकला।
मेड इन इटली पिस्टल कब्जे से मिली
पुलिस ने रंजन के मोबाइल फोन से कमांडो वर्दी में खींची गई तस्वीरें भी बरामद की हैं। उसके पास से मेड इन इटली पिस्टल और एक वायरलेस हैंडसेट भी मिला, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। जब उससे इन उपकरणों के स्रोत और उपयोग को लेकर सवाल किए गए तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।
अब इस मामले में हो रही जांच
पूछताछ में रंजन ने स्वीकार किया कि उसने झूठ बोलकर खुद को कमांडो बताया और इस हरकत के लिए माफी मांगी है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि उसके पास यह हथियार और वायरलेस डिवाइस कहां से आए और क्या वह किसी बड़ी साजिश में शामिल था।
सुरक्षा एजेंसियां हुई एक्टिव
पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह अकेले काम कर रहा था या किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।










