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अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट बढ़ा, विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करें: मुख्यमंत्री साय

KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लें और उन्हें पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर तथा बाबा गुरु घासीदास के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

विकास के लिए नई घोषणाएं
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग व्यवस्था हेतु 50 लाख रुपये, और हर वर्ष 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही, जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ लकड़ी के उपयोग के लिए राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में अब 200 सीटें होंगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को और अधिक लाभ मिलेगा। आने वाले समय में सभी जिला मुख्यालयों में ‘नालंदा परिसर’ की स्थापना भी की जाएगी।

लंबित कार्यों पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भले ही ये कार्य बजट की दृष्टि से छोटे हों, लेकिन इनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। कार्यों में देरी सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उप मुख्यमंत्री व उपाध्यक्ष के विचार
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के विकास के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और समाज को साथ लेकर राज्य के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कई मांगें बैठक में रखीं, जिनमें गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, स्नान सुविधा, ठहराव व्यवस्था, ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण, और विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास जैसी योजनाएं शामिल रहीं।

प्राधिकरण की समीक्षा और कार्य अनुमोदन
बैठक में प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र, बजट प्रावधान, तथा वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही 49 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास व हितग्राही मूलक कार्यों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में प्रमुख उपस्थितजन
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्रीगण दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायकगण सहित विभिन्न संभागों के आयुक्त, आईजी और 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी बैठक में शामिल हुए।

अनुसूचित जाति बहुल जिलों में तेज़ होगा विकास
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांजगीर-चांपा को बैठक के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला है। उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है, जिसमें 17 अनुसूचित जाति बहुल जिले शामिल हैं, जैसे – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, रायगढ़, दुर्ग, राजनांदगांव आदि, जहाँ अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।

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Author: Kpn 24

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