
KPN24:- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में पदस्थ सीनियर प्रोफेसर 62 वर्षीय संतोष कर्मकार ठगों के जाल में फंस गए और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर उनसे 26 दिनों में कुल 88 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में प्रोफेसर ने अब पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बेंगलुरु पुलिस बनकर किया कॉल, आधार कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाया
पुलिस के अनुसार, 20 जून को प्रोफेसर संतोष कर्मकार को फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए साइबर ठगों ने संपर्क किया। खुद को बेंगलुरु पुलिस का अधिकारी बताते हुए ठगों ने कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गंभीर गैरकानूनी गतिविधियों में हुआ है। इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया और धीरे-धीरे ठगों ने प्रोफेसर को मनोवैज्ञानिक दबाव में लेकर बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली।
पुलिस को हुआ शक, लेकिन डरे प्रोफेसर ने नहीं की शिकायत
जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन्स का पता चला, जिसके बाद वे प्रोफेसर के घर पहुंचे। पूछताछ के दौरान भी प्रोफेसर ने किसी भी तरह की ठगी से इनकार कर दिया, क्योंकि वे ठगों की धमकियों से डरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और उससे बचाव के उपायों के बारे में बताया और किसी भी संदेहजनक स्थिति में शिकायत करने को कहा, लेकिन उस समय प्रोफेसर ने कुछ नहीं बताया।
बाद में जब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ, तब जाकर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ठगों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में 18 महीनों में 107 करोड़ की साइबर ठगी
राज्य में लगातार बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए विशेष साइबर सेल का गठन किया गया है। ये टीमें संदिग्ध लेन-देन वाले खातों को फ्रीज करने और अपराधियों को पकड़ने में सक्रिय हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर विश्वास न करें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पिछले 18 महीनों में कुल 107 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं।
सावधान रहें, सतर्क रहें: किसी भी अधिकारी के नाम पर आने वाली कॉल्स की पुष्टि जरूर करें, और किसी भी स्थिति में अपने बैंक खाते या निजी जानकारी साझा न करें।










