
KPN24 :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम रायपुर, एनआईटी रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस ऐतिहासिक समझौते से प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
समझौते के तहत मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन द्वारा आईआईएम और एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। इससे “मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र”, “ओसवाल छात्रावास”, “नॉलेज सेंटर” और अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम जैसे कई प्रकल्प विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे गांव-गांव तक कौशल और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाना है।
इस अवसर पर मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने किसानों के लिए देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा व कौशल विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, आईआईएम व एनआईटी के पदाधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










