
KPN24:- उत्तर प्रदेश के अमरोहा देह व्यापार के धंधे में फंसी युवतियों के साथ अमानवीय अत्याचार और दरिंदगी का मामला सामने आया है। पुलिस पूछताछ में पीड़िताओं ने बताया कि पिंकी और उसके सहयोगी उन्हें लंबे समय से बंधक बनाकर तरह-तरह की यातनाएं देते थे। बाहर जाने या मदद मांगने की बात पर आरोपी तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर उनकी चीखों को दबा देते और बेरहमी से मारपीट करते थे। इतना ही नहीं, आपस में बातचीत तक करने पर भी रोक थी।
कैद में मिली तीन लड़कियां
जांच के दौरान पुलिस ने तीन लड़कियों को पिंकी के घर से छुड़ाया। इनमें से एक युवती अमरोहा के जोया क्षेत्र की रहने वाली है, जो पिछले एक साल से कैद थी। बिहार की दो अन्य युवतियां क्रमशः दो और तीन महीने से इस चंगुल में थीं। पीड़िताओं ने बताया कि बाहर निकलने की कोशिश करते ही उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था।
गोशाला की आड़ में चलता था धंधा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पिंकी कांशीराम नगर में गोशाला की आड़ लेकर देह व्यापार का धंधा चला रही थी। दिन में लड़कियों को गोशाला में काम करने का दिखावा कराया जाता, जबकि शाम ढलते ही घर में ग्राहकों का आना-जाना शुरू हो जाता था। देर रात तक वहां भीड़ लगी रहती थी।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से लाई जाती थीं लड़कियां
पुलिस ने पिंकी, सचिन और अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि सचिन रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डों और अन्य जगहों से मजबूर या घर से भागी हुई लड़कियों को बहला-फुसलाकर यहां लाता था। फिलहाल पुलिस पीड़िताओं के बयान दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
सचिन और साथियों संग मिलकर बरपाई दरिंदगी
पीड़िताओं ने खुलासा किया कि पिंकी, सचिन, विजय ठाकुर और अवनीश ने कई बार उनके साथ दुष्कर्म किया। एक किशोरी ने महिला पुलिसकर्मियों के सामने आपबीती सुनाते हुए बताया कि रोटी जलने पर विजय ठाकुर ने उसके हाथ पर तेल डालकर आग लगा दी थी। उसका हाथ झुलस गया था और लगातार मारपीट भी की जाती थी।
रातभर की जाती थी दरिंदगी
पीड़िता ने कहा कि कई बार शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। रातभर उसे प्रताड़ित किया जाता और विरोध करने पर पिटाई होती थी। पिंकी न केवल देह व्यापार कराती थी बल्कि उनसे घरेलू काम भी कराती थी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पीड़िताओं के अनुसार वे तीन महीने से लगातार अमानवीय यातनाएं झेल रही थीं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पिंकी, सचिन और अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। अब पीड़िताओं के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।










