
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपनी आठ दिन की जापान और दक्षिण कोरिया की विदेश यात्रा से लौटे। रायपुर एयरपोर्ट पर उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा परिसर गूंज उठा। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने पुष्प वर्षा और गजमालाओं से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय महज 100 मीटर की दूरी तय करने में उन्हें 15 मिनट लगे।
मुख्यमंत्री ने स्वागत से अभिभूत होकर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया और आभार जताया। उन्होंने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया में बसे भारतीय समुदाय और विशेषकर छत्तीसगढ़ी प्रवासियों से मिलकर उन्हें अपार प्रसन्नता हुई।
विदेशी निवेश और विकास की नई संभावनाएं
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि उनकी यह यात्रा बेहद सफल रही है। इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जापान यात्रा के दौरान तय हुए समझौतों से भारत में 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ को भी बड़ा हिस्सा मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में जापान और दक्षिण कोरिया ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए सहमति जताई है। इन प्रस्तावों से राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ का आकर्षण
श्री साय ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ ने अपना पवेलियन लगाया, जहां रोज़ाना 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य रहा जिसने अपनी जानकारी जापानी भाषा में प्रस्तुत की। इससे जापानी निवेशकों तक राज्य की संभावनाएं और योजनाएं पूरी तरह से पहुंचीं।
पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल दक्षिण कोरिया पहुंचा। वहां भी निवेशकों से संवाद कोरियन भाषा में किया गया। कोरिया की संस्था आईसीसीके के साथ हुए समझौते के तहत यह संगठन छत्तीसगढ़ का नॉलेज पार्टनर बनेगा और राज्य की औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को प्रशिक्षित स्किल मैनपावर उपलब्ध कराएगा।
‘दुनिया के लिए खुलेगा छत्तीसगढ़’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल देश के प्रमुख निवेश केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगा। हम विश्व स्तर पर अपने उत्पादों के लिए पहचान बनाएंगे और छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेंगे।










