
मनीष विद्यार्थी खरगोन
KPN24:- मध्यप्रदेश के खरगोन में ख्यात कथावाचक पंडित इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान कलयुग में छल-कपट और राग-द्वेष से बचना कठिन है, लेकिन जो लोग प्रभु भक्ति और शास्त्रों के मार्ग पर चलते हैं, उनका जीवन सफल होता है। वे शनिवार को खरगोन में आयोजित भागवत कथा के दौरान मीडिया से चर्चा कर रहे थे।
प्रेसवार्ता में पंडित उपाध्याय ने गौ माता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग और भविष्य के भारत की आर्थिक रीढ़ है।
उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब मां यशोदा ने नन्हे कान्हा से कहा कि वह दिनभर गायों के बीच क्यों रहते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण रो पड़े और बोले कि गौ माता केवल जानवर नहीं हैं।
पंडित उपाध्याय ने कहा कि आज की पीढ़ी को भी यह समझना होगा कि गौ माता का संरक्षण और सम्मान केवल धार्मिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि समाज और देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी आवश्यक है।










