
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी और पारदर्शिता बढ़ाने वाली पहल ‘मनरेगा दर्पण’ नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “मनरेगा दर्पण” के माध्यम से अब हर ग्रामीण को अपने गांव में पिछले तीन वर्षों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत हुए कार्यों की विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट मोबाइल पर ही सुलभ हो सकेगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सरकार का एक मजबूत कदम है।
डिजिटल तकनीक से जुड़ेंगे ग्रामीण, योजनाओं की मिलेगी सीधी जानकारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लॉन्च किया गया यह क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित सिस्टम गांवों के डिजिटलीकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”
अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर लगे QR कोड को स्कैन कर ग्रामीण यह जान सकेंगे कि—
उनके गांव में किन-किन कार्यों को स्वीकृति मिली है,
कार्यों पर कितनी राशि खर्च हुई है,
और कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है।
इससे पारंपरिक फ़ाइलों और दस्तावेज़ों की आवश्यकता समाप्त होगी, और सूचनाओं के लिए कार्यालयों पर निर्भरता भी घटेगी।
मनरेगा कार्यों की निगरानी अब ग्रामीणों के हाथ में
‘मनरेगा दर्पण’ पोर्टल के माध्यम से योजनाओं से जुड़ी समस्त जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित और सतत अपडेट की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर डेटा समय पर दर्ज हो। इससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनभागीदारी के माध्यम से निगरानी की प्रक्रिया और भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस डिजिटल पहल से ग्रामीणों का विश्वास और सहभागिता दोनों ही बढ़ेगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और शासन में पारदर्शिता का नया अध्याय जुड़ेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में रही विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चन्द्राकर, सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी और जिला स्तरीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।










