"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

सुशासन की नई पहल: ऑनलाईन छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए समय-सीमा निर्धारित

KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति और शिष्यवृत्ति भुगतान की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और समयबद्ध बना दिया है। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की राशि सीधे अंतरित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर विद्यार्थी को उसकी मेहनत और योग्यता का सम्मान समय पर मिले, यही हमारी सरकार की प्राथमिकता है।”

चार चरणों में होगी छात्रवृत्ति भुगतान प्रक्रिया

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि अब छात्रवृत्ति भुगतान वर्ष में चार बार — जून, सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता समय पर प्राप्त होगी, जिससे उनके अध्ययन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

पहले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति केवल वर्ष में एक बार, दिसंबर या फरवरी-मार्च में मिलती थी, जिससे कई बार उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

84.66 करोड़ रूपए की राशि का ऑनलाइन अंतरण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्रम-छात्रावासों के 1,86,050 विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति की द्वितीय किश्त के रूप में 79.27 करोड़ रूपए तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12,142 विद्यार्थियों को 5.38 करोड़ रूपए की राशि ऑनलाइन अंतरण की।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि “मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्य प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।”

पहले चरण से अब तक की उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहली बार 10 जून 2025 को इस योजना की शुरुआत की थी।
उस समय 85 करोड़ रूपए की राशि विभिन्न छात्रावासों और छात्रों के लिए अंतरित की गई थी, जिसमें—

प्री-मैट्रिक छात्रावासों के लिए 77 करोड़ रूपए,

पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों के भोजन सहायता हेतु 8.93 करोड़ रूपए शामिल थे।

इसके बाद 17 जून 2025 को दूसरे चरण में 8370 विद्यार्थियों को 6.2 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति ऑनलाइन दी गई थी।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे

इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम,
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह तथा आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।

नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद छात्रवृत्ति प्रणाली का लाभ मिलेगा, जिससे शासन की “सुशासन एवं पारदर्शिता” की परिकल्पना को नई दिशा मिली है।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More