
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए पटाखों के सुरक्षित उपयोग एवं अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी सुश्री योग्यता साहू ने बताया कि दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है, लेकिन लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही गुणवत्ता युक्त पटाखे खरीदें, जिससे दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पटाखे हमेशा खुले स्थानों जैसे पार्क या मैदानों में ही जलाएं और इमारतों, वाहनों व ज्वलनशील पदार्थों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी या रेत अवश्य रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग किया जा सके। साथ ही सुती वस्त्र पहनने की सलाह दी गई है क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकते हैं।
बच्चों को पटाखे हमेशा वयस्कों की देखरेख में ही चलाने की सलाह दी गई है। इस्तेमाल किए गए पटाखों को पानी में डालकर सुरक्षित तरीके से निपटान करें, ताकि किसी चिंगारी से आगजनी की घटना न हो। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय में एक ही पटाखा जलाएं और आग लगाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हवा की दिशा का ध्यान रखना भी आवश्यक है ताकि चिंगारियां घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़ें।
क्या न करें — सावधान रहें!
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि —
घर के अंदर, खिड़कियों के पास या बंद स्थानों पर पटाखे न जलाएं।
पटाखे जलाते समय ढीले या लटकते वस्त्र पहनने से बचें।
ज्वलनशील पदार्थों, सूखी पत्तियों, गैस सिलेंडर या वाहनों के पास पटाखे न जलाएं।
यदि कोई पटाखा नहीं जलता है तो उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें, बल्कि कुछ देर प्रतीक्षा कर सुरक्षित रूप से निपटान करें।
तेल के दीये या मोमबत्तियां जलाते समय उन्हें उपेक्षित न छोड़ें, विशेषकर पर्दों या ज्वलनशील पदार्थों के पास।
किसी भी प्रकार की चोट या जलने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक की सलाह लें और बिना परामर्श के घरेलू उपचार करने से बचें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दीपावली को सुरक्षित और आनंदमय तरीके से मनाएं, ताकि यह पर्व खुशियों और रोशनी के साथ सभी के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए। ✨










