
मनीष विद्यार्थी, खरगोन।
KPN24:- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में प्रदेशभर में शराब दुकानों के पास संचालित अहातों (ड्रिंकिंग जोन) को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सख्ती से बंद कराए जाने के बावजूद, खरगोन शहर में अब भी खुलेआम ये अहाते संचालित किए जा रहे हैं। शहर की कई मुख्य सड़कों पर बने शराब ठेकों के पास बड़े-बड़े टीन शेड और सर्वसुविधायुक्त अहातों में रोजाना शराब परोसी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह सबकुछ संबंधित आबकारी अधिकारियों की मौन स्वीकृति से चल रहा है। शराब ठेकेदारों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर इन अहातों को फिर से शुरू कर दिया है।
शिवराज सरकार ने जारी किया था सख्त आदेश
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने प्रदेशभर में शराब दुकानों के पास चलने वाले सभी अहातों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया था। शुरुआती कुछ दिनों तक तो इन पर ताले लटकते नज़र आए, लेकिन बाद में ठेकेदारों और आबकारी विभाग की सांठगांठ से ये अहाते दोबारा सक्रिय हो गए।
ठेकेदार की मनमानी, प्रशासन मौन
जिला प्रशासन और आबकारी विभाग नियम-कायदों का हवाला देने में तो सक्रिय है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई से बच रहा है। शहर के कई अहातों में दिनभर भीड़ रहती है, जबकि शाम ढलते ही वहाँ शराबियों की पंगत और चौपाल सज जाती है।
न कोई जांच, न प्रतिबंध और न ही कार्रवाई — यही कारण है कि इन स्थानों पर खुलेआम नशे का कारोबार फलफूल रहा है।
सुविधाओं से लैस हैं ये अवैध अहाते
इन अहातों में शराबियों के लिए टेबल-कुर्सी, फ्रिज, पंखे-कूलर के साथ-साथ सिगरेट, गुटका, पाउच और चखना-खाना तक की सुविधा दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार और विभाग के कुछ अधिकारी राजस्व लाभ और निजी स्वार्थ के लिए इस अवैध संचालन पर आँखें मूँद चुके हैं।
विभाग का पक्ष
आबकारी विभाग का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद अहाते बंद करा दिए गए हैं और अब ऐसे अहाते नहीं चल रहे।
जब भी शिकायत मिलती है, कार्रवाई की जाती है। कुछ लोग शराब लेकर दुकानों के बाहर या ओटले पर बैठकर पी लेते हैं, फिर भी दुकानदारों को समझाइश दी जाएगी।
“अहाते सरकार के आदेश के बाद से बंद करा दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है। पहले जैसे कूलर, पंखे और टेबल-कुर्सी वाले अहाते नहीं चल रहे हैं।”
मुकेश गौर, उपनिरीक्षक आबकारी विभाग, खरगोन










