
KPN24:- समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाने और युवाओं को अपराध से दूर सकारात्मक राह पर लाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक प्रेरणादायी पहल की है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में ऑपरेशन “शिक्षा उपहार” नामक सामाजिक अभियान की शुरुआत की जा रही है।
इस पहल के तहत पुलिस विभाग जिले के स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसे ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करेगा जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, ताकि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके।
मुख्य उद्देश्य — शिक्षा से अपराध रोकथाम तक
पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य केवल अपराध पर नियंत्रण नहीं, बल्कि समाज में स्थायी शांति और सामाजिक समरसता की स्थापना करना है। उनका कहना है कि –
“जब बच्चे शिक्षा से जुड़ते हैं, तो समाज अपने आप अपराध से दूर होता है। हमें केवल अपराधी नहीं, समाज के भविष्य को देखना है।”
कॉलेजों में हुई विशेष बैठक
जिले के प्रमुख कॉलेजों — जांजगीर, चांपा, अकलतरा, शिवरीनारायण, पामगढ़ और बलौदा — के प्राचार्यों एवं प्रोफेसरों की बैठक ली गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कॉलेजों द्वारा एक सर्वे संचालित किया जाएगा, जिसमें ड्रॉपआउट बच्चों का बायोडाटा तैयार किया जाएगा।
सर्वे पूर्ण होने के बाद पुलिस विभाग कलेक्टर, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर इन बच्चों के पुनर्वास की कार्ययोजना पर काम करेगा।
किन बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
यह अभियान उन बच्चों पर केंद्रित रहेगा—
जो आर्थिक या पारिवारिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई जारी नहीं रख पाए।
जो शिक्षा में कमजोर हैं लेकिन कला, खेल या अन्य क्षेत्रों में प्रतिभावान हैं।
या फिर जो गलत संगत या नशे की प्रवृत्ति के कारण गलत दिशा में बढ़ गए हैं।
ऐसे बच्चों की काउंसलिंग, करियर गाइडेंस और पुनः प्रवेश की व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से की जाएगी।
सामाजिक सहयोग से बनेगी नई मिसाल
“ऑपरेशन शिक्षा उपहार” केवल पुलिस का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है।
पुलिस विभाग ने सभी नागरिकों, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस प्रयास में सहयोग करें।
यह अभियान न केवल अपराध की जड़ पर प्रहार करेगा, बल्कि असंख्य बच्चों को नई दिशा, नया अवसर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देगा।










