
बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा व नारायणपुर जिलों के एसपी कर रहे निगरानी, गृहमंत्री विजय शर्मा रात में जगदलपुर रवाना
KPN24:- छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों ने एक बार फिर बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस अभियान में 2000 से अधिक सुरक्षा जवान जंगलों में उतरे हैं। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों के पुलिस अधीक्षक स्वयं इस अभियान की मैदानी निगरानी कर रहे हैं।
इधर, राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा भी स्थिति की समीक्षा हेतु अचानक रात में जगदलपुर पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके पहुंचने के बाद बस्तर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शाह की डेडलाइन: 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान नक्सलियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि—
“हथियार डाल दो, अन्यथा हमारे जवान निपटेंगे।”
उन्होंने घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के इस ऐलान के बाद से बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई है। अब तक कई बड़े नक्सली लीडर मारे जा चुके हैं, जिससे संगठन को भारी नुकसान हुआ है।
37 लाख के इनामी 7 नक्सलियों ने किया सरेंडर
इस बीच नक्सली मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन में सक्रिय उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
इन पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में एरिया कमांडर सुनील और सचिव एरिना शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था।
बताया गया है कि कमांडर सुनील मूलतः हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले का निवासी है। वह साल 2004 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था और पिछले दो दशकों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुका है। सुनील ने शुरुआत हरियाणा के यमुनानगर में माओवादियों के संचालित शिवालिक जनसंघर्ष मंच से की थी। बाद में वह हिमाचल, ओडिशा होते हुए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद क्षेत्र में सक्रिय हुआ।










