
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में अपराध की राह पर चलने वाले आदतन बदमाश गौरी उर्फ रोहित बर्मन निवासी कोसा थाना मुलमुला को आखिरकार जिला प्रशासन ने करारा सबक सिखा दिया है। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत इस शातिर बदमाश को 01 वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश पारित कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गौरी उर्फ रोहित बर्मन का आपराधिक इतिहास बेहद काला रहा है। इसके विरुद्ध चोरी, मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में 16 प्रकरण दर्ज हैं, जबकि 21 मामलों में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा चुकी है।
बताया गया कि आरोपी की गुंडागर्दी, दबंगई और लोगों को धमकाने की आदतों से आम जनता खौफजदा थी। कोई भी इसके खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने से कतराता था। क्षेत्र में इसका नाम सुनते ही लोगों के चेहरे का रंग उड़ जाता था।
थाना मुलमुला पुलिस ने लगातार इस अपराधी की गतिविधियों पर नजर रखी और इसकी दुस्साहसी प्रवृत्ति एवं सुधार न होने की स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के माध्यम से विस्तृत प्रतिवेदन जिला प्रशासन को भेजा गया। रिपोर्ट में उल्लेख था कि यह अपराधी न केवल क्षेत्र की शांति भंग कर रहा है, बल्कि किसी भी वक्त गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता है।
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसे जिला जांजगीर-चांपा सहित सरहदी जिले सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और बलौदा बाजार की सीमाओं से पूरे एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है।
पुलिस प्रशासन का साफ संदेश है —
“गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी… जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।”
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों ने राहत की सांस ली है। आमजन का कहना है कि प्रशासन ने समय पर सख्त कदम उठाकर पूरे इलाके में शांति बहाल की है।










