
KPN24:- छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ‘आदि कर्मयोगी अभियान’, ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और ‘प्रधानमंत्री जनमन अभियान’ को आदिवासी परिवारों के लिए शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव पखवाड़ा, जनजातीय संग्रहालय निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की सराहना की।
राज्यपाल रमेन डेका ने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘उलगुलान’ आंदोलन ने जनजातीय अधिकारों और स्वाभिमान को नई दिशा दी। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर और अन्य जनजातीय नायकों के योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से प्रदेश का गौरव बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रदेश के 53 विकासखंडों की 2,365 बसाहटों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की मजदूरी बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है तथा चरण-पादुका योजना पुनः शुरू की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है।
केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल जनजातीय समाज नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव एवं करम महोत्सव के विजेता नृत्य दलों को सम्मानित किया। समारोह में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे।










