
KPN24 :- सक्ती जिले में छपोरा से डभरा के बीच लगभग 10 किलोमीटर लंबे राज्य मार्ग के निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किए जाने से पूरा क्षेत्र धूल के गुबार में तब्दील हो गया है, जिससे राहगीरों के साथ-साथ आसपास के रहवासी भी भारी परेशानी झेलने को मजबूर हैं।
यात्रियों का सफर हुआ दूभर
इस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले यात्रियों को घनी धूल के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और दृश्यता कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग “धूल खाकर” यात्रा करने को विवश हैं।
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उड़ती धूल से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी और आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक बनती जा रही है।
घर-दुकान धूल से अटे, व्यापार प्रभावित
निर्माण स्थल के आसपास स्थित घरों और दुकानों में धूल की मोटी परत जम गई है। दुकानदारों का कहना है कि धूल के कारण ग्राहक आने से कतरा रहे हैं, जिससे उनका रोज़गार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा।
प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
समस्या की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए जाएं कि निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी का छिड़काव अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि धूल प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
लापरवाह ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय जनता ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की भी मांग की है, जिससे जनस्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन निर्माण प्रक्रिया के दौरान आमजन की सुविधा और स्वास्थ्य की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।










