
फर्जी आधार कार्ड बनाकर निकाली गई थी राशि, तीन साल से फरार थे आरोपी
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना पुलिस ने भूमि अधिग्रहण से प्राप्त मुआवजा राशि में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से करीब 24 लाख रुपए की मुआवजा राशि निकालकर गबन किया था। सभी आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार थे, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471 एवं 34 भादवि के तहत कार्यवाही की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
परमेश्वर पाटले, निवासी नरियारा, थाना मुलमुला
विश्राम भारद्वाज, निवासी झलमला, थाना मुलमुला
दीपक दिवाकर, निवासी खम्हारिया, थाना लवन
नरेश रत्नाकर, निवासी खम्हारिया, थाना लवन
शंकर लाल भारद्वाज, निवासी कोसिर, थाना पामगढ़
मामला संक्षेप में
प्रार्थी योगेन्द्र सिंह चंदेल, निवासी ग्राम तरौद, थाना अकलतरा ने 8 अप्रैल 2023 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि के.एस.के. वर्धा पावर प्लांट द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले स्वीकृत 24 लाख रुपए की मुआवजा राशि उनके व उनके भाई स्व. गिरधर सिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर डीसीबी बैंक, जांजगीर से निकाल ली गई।
जब वास्तविक प्रार्थी के पास बैंक से चेकबुक डाक द्वारा पहुंची, तब इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 209/23 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में बड़ा खुलासा
विवेचना के दौरान खाद्य विभाग से प्राप्त आधार कार्ड विवरण के आधार पर दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि योजना शंकर भारद्वाज, परमेश्वर पाटले और विश्राम भारद्वाज के साथ मिलकर बनाई गई थी। आरोपियों ने झूठे शपथ पत्र के जरिए आधार कार्ड में नाम परिवर्तन कराया, फिर उसी आधार से बैंक खाता खुलवाकर मुआवजा राशि निकाल ली और आपस में बांट ली।
पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज, मोबाइल नंबर, फोटो सहित अन्य साक्ष्य जब्त कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, उप निरीक्षक बी.एल. कोसरिया, प्रधान आरक्षक स्वाती गिलोरकर, आरक्षक राजजयप्रकाश रात्रे, गौकरण राय एवं भूषण राठौर का विशेष योगदान रहा।










