
KPN24:- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवता को फिर से शर्मसार कर दिया है। शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार तेलीबांधा (VIP रोड) पर एक 8 साल की मासूम के साथ अपहरण और दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, रायपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए ‘हैवान’ को चंद घंटों के भीतर ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
लालच देकर बिठाया, फिर बड़ी बहन को झांसा देकर उतारा
वारदात बुधवार रात करीब 9:30 बजे की है। तेलीबांधा ट्रैफिक सिग्नल पर दो सगी बहनें पेट की आग बुझाने के लिए भीख मांग रही थीं। इसी दौरान अपनी कार में सवार होकर आए आरोपी ने उन्हें ‘अच्छा खाना खिलाने’ का लालच दिया। मासूमों को क्या पता था कि मदद का हाथ बढ़ाने वाला ही दरिंदा निकलेगा।
शातिर आरोपी दोनों को कार में बिठाकर कुछ दूर ले गया। वहां उसने बड़ी बहन (9 वर्ष) को खाने का सामान लाने का बहाना बनाकर पैसे दिए और कार से नीचे उतार दिया। जैसे ही बड़ी बहन उतरी, आरोपी छोटी बच्ची को लेकर तेज रफ्तार में फरार हो गया।
सुनसान इलाके में की हैवानियत
मासूम को लेकर आरोपी VIP रोड के एक अंधेरे और सुनसान इलाके में पहुंचा। वहां उसने चलती कार के भीतर ही 8 साल की बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। वारदात के बाद आरोपी उस मासूम को लहूलुहान और रोती हुई हालत में सड़क पर फेंक कर भाग निकला।
CCTV की मदद से दबोचा गया राजस्थान का ‘सुनील’
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और शहर के चप्पे-चप्पे पर लगे CCTV कैमरों को खंगाला। कार के नंबर और हुलिए के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान: सुनील (मूल निवासी- राजस्थान)।काम: वर्तमान में रायपुर के सड्डू इलाके में बतौर ड्राइवर कार्यरत। कार्रवाई: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पाक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार”बच्ची का रेस्क्यू कर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए ठोस साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।”
उठते गंभीर सवाल!
रायपुर का VIP रोड, जो रात भर गुलजार रहता है और जहां पुलिस की पेट्रोलिंग का दावा किया जाता है, वहां ऐसी वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े करती है। आखिर सार्वजनिक स्थानों पर हमारे बच्चे कितने सुरक्षित हैं?










