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छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से गढ़ रही नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

लखपति दीदी अभियान से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ में मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद

KPN24.com रायपुर, 7 मार्च 2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई हजारों स्व-सहायता समूह की महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साह और ऊर्जा के साथ शामिल हुईं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के दम पर नई पहचान गढ़ रही हैं और सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की हर महिला को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि भविष्य में लखपति ग्राम की अवधारणा साकार हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें से करीब 8 लाख महिलाएं यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं। अब सरकार ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 10 लाख से अधिक लखपति दीदी तैयार करने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत उन्हें देश और प्रदेश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और शक्तिपीठों का भ्रमण कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों के निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। वहीं बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की लखपति दीदियां आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और अब सरकार का लक्ष्य उन्हें लखपति से करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि शुरू की गई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना, इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और Indian Institute of Management Raipur के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक और छत्तीसकला ब्रांड बुक का विमोचन किया तथा लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ भी किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले महिलाओं को लखपति बनाने की बात को असंभव मानते थे, आज उसी प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक सफलता की कहानियां भी साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की राजकुमारी कश्यप ने बताया कि मुर्गीपालन के माध्यम से आज उनके परिवार को सालाना 6 से 7 लाख रुपये तक की आय हो रही है। बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये के ऋण से सिलाई का काम शुरू किया और आज ड्रोन पायलट बनकर अपने क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। वहीं जशपुर जिले की अनिता साहू ने ईंट निर्माण कार्य से लखपति बनने की प्रेरक कहानी साझा की।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और लखपति दीदियां उपस्थित रहीं।

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Author: Kpn 24

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