
मनीष विद्यार्थी, खरगोन।
KPN24:- नवरात्र के पावन अवसर पर ज्योति नगर का नवदुर्गा पंडाल धर्म और संस्कृति का अद्भुत संगम बन गया। माता की झूले पर विराजित अलौकिक मूर्ति के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गरबा नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।
महाष्टमी की रात विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समिति अध्यक्ष नीतिन मालवीय ने बताया कि महाआरती के बाद शुरू हुई गरबा प्रस्तुतियों में कॉलोनी की बालिकाओं और महिलाओं के प्रशिक्षित नृत्य दल ने गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र और निमाड़ी लोक संस्कृति का शानदार मिश्रण प्रस्तुत किया। झिलमिलाती विद्युत सज्जा और माता के जयकारों के बीच तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। विशेष तौर पर गणगौर नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा।
महाकाली का अद्भूत स्वरुप
प्रचार-प्रमुख दिलीप सोनी ने बताया कि आमंत्रित कलाकारों ने मंच पर बंगाल की महाकाली का दिव्य स्वरुप प्रस्तुत कर माता की महिमा का गुणगान किया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी श्रद्धालु नतमस्तक होकर जयकारे लगाने लगे।
सहयोगियों का हुआ सम्मान
आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सदस्यों का सम्मान भी समारोह में किया गया। समिति संरक्षक एल.एन. मालवीय, राधेश्याम गुप्ता और राजेश पाल ने माता के दरबार एवं गरबा मंच को सजाने में सहयोग देने वाले अर्पित जायसवाल, प्रवीण कुशवाह, प्रदीप पटेल, श्याम कुमावत, सुरेश तड़ोका, जितेंद्र अड़तीया, मोहित खंडविलकर, सुदामा, बल्ली, दीपक, सतीश कुशवाह, कमलेश, रोबोट सहित अन्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया।
इसके साथ ही नृत्य प्रशिक्षक अन्नपूर्णा सिकरवार और सलोनी पटेल, तथा नौ दिन तक पूजन करने वाले पंडित गोरेलाल शर्मा और प्रकाश चौरे को भी माताजी का चित्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
संचालन को मिली सराहना
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कुशल डब आर्टिस्ट आशीष दवे को भी विशेष सम्मान दिया गया। उनकी प्रभावशाली आवाज, भाषा पर पकड़, हास्य और शायरियों से सजी प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्हें इस अवसर पर दर्शकों से भरपूर सराहना मिली। संचालन में पुष्पेंद्र राठौर और दीप जोशी ने सहयोग दिया।
नवरात्र की इस भव्य संध्या ने श्रद्धा और शक्ति के संगम को जीवंत कर दिया। माता महाकाली के दिव्य स्वरुप और मनोहारी गरबा प्रस्तुतियों ने भक्तों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।










