
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में कहा कि वैज्ञानिक और सतत खनन के माध्यम से राज्य विकास और पारदर्शिता की नई कहानी लिख रहा है।
इस अवसर पर आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण हेतु एमओयू हुआ। साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के मध्य भी महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन पोर्टल 2.0, डीएमएफ पोर्टल 2.0 और रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी के लिए रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोग और पारदर्शी खनन नीति राज्य की प्रगति का आधार है। वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व और डीएमएफ से 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और 5 नए ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई है।
कार्यक्रम में 43 खदानों को पर्यावरण और सुरक्षा मानकों के बेहतर पालन पर स्टार अवॉर्ड दिए गए, जिनमें 3 को 5 स्टार, 32 को 4 स्टार और 8 को 3 स्टार अवॉर्ड प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत लागू डीएमएफ पोर्टल 2.0 से पारदर्शिता और निगरानी की प्रक्रिया सशक्त हुई है। उन्होंने बताया कि नई रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और शीघ्र ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सतत और वैज्ञानिक खनन के माध्यम से छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।










