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सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

KPN24 :- शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और सार्थक जीवन का आधार है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है — चाहे वह कृषि हो, व्यापार हो या जीवन जीने की कला, हर क्षेत्र में शिक्षा की भूमिका अहम है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज छत्तीसगढ़ में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं, जिनसे स्थानीय विद्यार्थियों को नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर का निर्माण कार्य जारी है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र को मजबूत बनाता है। नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयाँ विकास में बाधक हैं, इसलिए समाज को नशा मुक्ति का संकल्प लेना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई मत्स्य संपदा योजना ने मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध की ठेका प्रथा को समाप्त करते हुए डुबान क्षेत्र के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति दी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में ₹37 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज्म के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के पदाधिकारियों और देशभर से आए मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निषाद समाज को सदैव अग्रणी स्थान दिया है। अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के मंदिर के सामने सरयू तट पर निषादराज मंदिर का निर्माण इसी सम्मान का प्रतीक है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि निषाद समाज मेहनतकश और परिश्रमी समुदाय है, जिसका योगदान समाज की प्रगति में अनुकरणीय है।

कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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