
हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान
KPN24 :- नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का खास केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मेले में पहुंचकर छत्तीसगढ़ पेवेलियन का विस्तृत अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और ग्रामीण नवाचार अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश में छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ हमारे कारीगरों और उद्यमियों के सम्मान को भी बढ़ा रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
मुख्यमंत्री साय ने पेवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, ढोकरा कला, धातु-शिल्प, प्राकृतिक वन-उत्पाद, मिलेट आधारित खाद्य सामग्री और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल का अवलोकन करते हुए कारीगरों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्टता ही खरीदारों को आकर्षित कर रही है।
छत्तीसगढ़ पेवेलियन में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और कलाकृतियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में प्रसारित डिजिटल डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में बस्तर के बदलते स्वरूप और तेज़ी से हो रहे विकास को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने के लिए योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर सशक्त कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










