
KPN24.com रायपुर, 10 मार्च 2026
यदि महिलाओं को अवसर, मार्गदर्शन और थोड़ी सी आर्थिक मदद मिल जाए तो वे अपने परिश्रम से न सिर्फ खुद की जिंदगी बदल सकती हैं बल्कि पूरे परिवार की तस्वीर भी बदल देती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी सामने आई है सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत सिलफिली की रहने वाली ममता विश्वास की, जिन्होंने अपने हौसले और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों से जूझने वाली ममता आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से मिली सहायता और स्वयं सहायता समूह के सहयोग ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।
ममता विश्वास एकता महिला स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत और स्वावलंबन का महत्व समझा और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का संकल्प लिया। बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज के माध्यम से उन्हें 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने खेत में सब्जी की खेती शुरू की और धीरे-धीरे इसे आय का मजबूत माध्यम बना लिया।
आज ममता विश्वास अपने खेत में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन कर बाजार में बिक्री करती हैं। मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि वे अब प्रतिवर्ष लगभग 3 से 3.5 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे बच्चों की पढ़ाई तथा घर की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
ममता विश्वास का कहना है कि “बिहान योजना और स्वयं सहायता समूह से मिली मदद ने मेरे जीवन में नया आत्मविश्वास जगाया है। अगर महिलाएं समूह से जुड़कर मेहनत करें तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।”
आज ममता की सफलता की कहानी गांव में नई प्रेरणा बन गई है। उनकी उपलब्धि से प्रभावित होकर गांव की कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।










