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गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ

जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास, बेसहारा गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

KPN24.com रायपुर 14 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। प्रस्तावित यह गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने पहले चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके पूर्ण होने पर यहां लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।
गौ माता भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण कार्यक्रम भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
“सुरभि गौधाम” के नाम से पहचाने जाएंगे गौधाम
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय मिलने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।
जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक पहल
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत और ऐतिहासिक अवसर है। गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में चरणबद्ध रूप से 10-10 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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