"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

खेती हमारी संस्कृति और पहचान का आधार, नवाचारों से समृद्ध होगा किसान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ड्रोन, नैनो उर्वरक और जैविक खेती से कृषि को मिल रही नई उड़ान

KPN24.com रायपुर 03 जून 2026

छत्तीसगढ़ में कृषि को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का मूल आधार है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक सोच और नवाचारों को अपनाकर कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए किसानों से आत्मीय चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने किसान जीवन के अनुभव साझा किए और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि किसान परिवार से होने के कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और संघर्षों को भली-भांति समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी और संसाधनों की कमी के कारण किसानों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण और वैज्ञानिक पद्धतियों ने खेती की तस्वीर बदल दी है। इससे उत्पादन बढ़ा है और किसानों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में किसानों के चेहरे पर दिख रहा आत्मविश्वास इन योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।
ड्रोन तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
कार्यक्रम में शामिल ‘ड्रोन दीदियों’ से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ संभव हो रहा है। इससे खेती अधिक वैज्ञानिक और आधुनिक बन रही है, वहीं महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
नैनो उर्वरक और जैविक खेती बनेगी किसानों की ताकत
मुख्यमंत्री ने नैनो उर्वरकों और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से उत्पादन लागत घटती है, फसल उत्पादन बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
खाद-बीज की कोई कमी नहीं, अफवाहों से रहें दूर
मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी कर रही हैं तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आय
कार्यक्रम में प्रदेश के प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम की उन्नत खेती के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। बदलते समय में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि और अन्य आधुनिक कृषि गतिविधियों को भी अपनाना चाहिए।
युवा बन रहे कृषि परिवर्तन के वाहक
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह बदलाव कृषि क्षेत्र के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार बनेंगे। सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय का मार्ग आधुनिक कृषि पद्धतियों से ही प्रशस्त होगा।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More