
KPN24.com रायपुर 03 जून 2026
छत्तीसगढ़ में रेत खनन को लेकर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि नदियों और बड़े नालों में रेत का खनन पूरी तरह वैज्ञानिक, संतुलित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेत राज्य के विकास और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है, लेकिन इसके अनियंत्रित दोहन से पर्यावरण और जल संसाधनों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
लोक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से विस्तृत चर्चा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेत खनन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
राज्यपाल ने प्रदेश में ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था और खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से हो रही मॉनिटरिंग की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनियोजित और अवैध खनन से नदियों की प्राकृतिक संरचना, भू-जल स्तर तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए खनन कार्यों की नियमित निगरानी और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन क्षेत्रों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे विशेषज्ञ संस्थानों से सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन कराकर खनन के प्रभावों का मूल्यांकन किया जाए, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि नदियों एवं जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने, भू-जल संरक्षण को मजबूत करने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए दीर्घकालिक एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
मुख्य बिंदु
राज्यपाल रमेन डेका ने वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित रेत खनन पर दिया जोर।
अवैध और अनियोजित खनन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश।
ड्रोन निगरानी और खनिज 2.0 पोर्टल की सराहना।
आईआईटी जैसे विशेषज्ञ संस्थानों से तकनीकी अध्ययन कराने का सुझाव।
विकास के साथ पर्यावरण और जल संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल।











