
KPN24.com सक्ती जैजैपुर 20 अगस्त 2026
जनहित से जुड़ी सात सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से जनपद पंचायत जैजैपुर के सामने चल रही शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आखिरकार बुधवार को समाप्त हो गई। ग्राम पंचायत पिसौद (बरकेल खुर्द) निवासी रामकिशन घृतलहरे द्वारा भ्रष्टाचार, अनियमितता और प्रशासनिक निष्क्रियता के विरोध में शुरू किए गए आंदोलन को प्रशासन की ओर से मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद विराम दिया गया।
लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने खत्म किया अनशन
आंदोलनकारियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर 12 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू की थी। लगातार आठ दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।
जनप्रतिनिधियों की पहल से बनी सहमति
भूख हड़ताल समाप्त कराने में जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि परदेशी खुंटे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश चंद्रा और अभिषेक स्वर्णकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनप्रतिनिधियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों और प्रशासन के आश्वासन के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया।
प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद जनप्रतिनिधियों ने आठ दिनों से अनशन पर बैठे रामकिशन घृतलहरे को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई।
“समय-सीमा में कार्रवाई हुई तो बढ़ेगा विश्वास”
इस अवसर पर परदेशी खुंटे ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित होना जरूरी है। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के अनुरूप यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई होती है, तो इससे ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
अब आश्वासन पर कार्रवाई का इंतजार
भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद आंदोलनकारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन के लिखित आश्वासन का स्वागत किया। हालांकि, अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सात सूत्रीय मांगों पर प्रशासन कब और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है। ग्रामीणों ने मांगों के समाधान की दिशा में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है।










