
वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रखा छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का रोडमैप
KPN24.com रायपुर 21 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर और विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब पारंपरिक खनिज और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर युवा शक्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, हरित ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ उन्हें रोजगार सृजक बनाना है। वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है और नए उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की बीज पूंजी सहायता दी जा रही है।
6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण
प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने की योजना है। साथ ही 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी। राज्य में 500 करोड़ रुपये के एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब और 5 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना है। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क भी विकसित किया जा रहा है।
8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई और विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, फार्मा, वस्त्र, हरित ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाएं तैयार की जा रही हैं।
बस्तर में विकास और रोजगार के नए द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के साथ विकास, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को बस्तर की आर्थिक कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
हरित ऊर्जा पर भी बड़ा जोर
छत्तीसगढ़ में आने वाले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश की अगली विकास यात्रा संसाधन से नवाचार, निवेश से रोजगार और युवा से उद्यमिता की ओर बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का युवा नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने।










