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मुख्यमंत्री का काफिला रुका एक छोटी-सी दुकान पर, सामने आई बदलाव की बड़ी मिसाल

कभी बंदूक थामने वाले आज चला रहे हैं किराना दुकान, मुख्यमंत्री ने खरीदकर बढ़ाया हौसला 

KPN24.com रायपुर 2 जून 2026

सुशासन तिहार के दौरान बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम कोण्डापल्ली में उस समय एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से साधारण दिखने वाली यह दुकान दरअसल संघर्ष, परिवर्तन और आत्मनिर्भरता की ऐसी कहानी समेटे हुए थी, जो आज पूरे बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है।

यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की है, जिन्होंने कभी हिंसा का रास्ता अपनाया था, लेकिन आज मेहनत और ईमानदारी के बल पर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
मुख्यमंत्री स्वयं दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीय संवाद किया और उनके संघर्ष से सफलता तक के सफर की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदकर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा कि “आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।”
बंदूक छोड़कर चुना विकास और सम्मान का रास्ता
गरीबी, अभाव और कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े मासा तामो वर्ष 2007 में नक्सली संगठन से जुड़ गए थे। वहीं जयमोती का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा। बचपन में माता-पिता को खोने के बाद परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी राह पर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।
समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा भविष्य का समाधान नहीं है। आखिरकार अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना।
पुनर्वास नीति ने बदली जिंदगी की दिशा
बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार शिक्षा, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। शासन की मदद से राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक खाता सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार हुए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘सक्षम योजना’ के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे कोण्डापल्ली में उनकी किराना दुकान की शुरुआत हुई।
अब हथियार नहीं, मेहनत की कमाई से चल रहा परिवार
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान दंपत्ति ने बताया कि दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जीवन में इतना बड़ा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान और नया सम्मान दिया है।
‘मासा-जयमोती की कहानी बदलते बस्तर की तस्वीर’ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा तामो और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों के जीवन परिवर्तन की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की जीवंत तस्वीर है। यह साबित करता है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जी सकता है।

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Author: Kpn 24

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