
मनीष विद्यार्थी खरगोन
KPN24:- पूरे खरगोन जिले में इन दिनों खनन माफियाओं का बोलबाला साफ दिखाई दे रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। दीन-दहाड़े नदियों की छाती छलनी की जा रही है, लेकिन खनन विभाग और पुलिस प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों से लेकर जिम्मेदार अधिकारी तक इस अवैध कारोबार पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
जेसीबी मशीनों से नदियों का सीना छलनी
सूत्रों के अनुसार, जिले की कई नदियों में जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनन रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले अफसर इन गतिविधियों पर नकेल कसने से बचते नजर आ रहे हैं।
मंत्री के गृहग्राम के पास चल रहा अवैध खनन
गौरतलब है कि पीसीसी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के गृहग्राम बोरावा के नजदीक ग्राम सिपटान और बोरावा में खनन माफिया कई दिनों से खुलेआम रेत खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात चल रहे इस अवैध खनन से नदियों की पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
मीडिया के खुलासों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से लगातार खनिज विभाग, पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है। इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
एनजीटी के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जल स्रोतों की सुरक्षा को देखते हुए खनन पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद जिले में खनन माफिया खुलेआम नियमों की अवहेलना करते नजर आ रहे हैं।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी
इस पूरे मामले पर एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने कहा —
> “मुझे मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। सम्बंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं, उचित कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं टीआई मंशाराम रोमड़े (गोगावां) ने कहा —
> “दो-तीन दिनों से मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। दो दिन पहले भी पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला। आज एसपी साहब के निर्देश प्राप्त हुए हैं, कार्रवाई की जाएगी।”










